आज समय है आगे बढ़ने का लोग आगे बढ़ रहे है / किसी के पास ये सोचने का समय नही है की हम
आगे कहा जा रहे है / हम आगे किनका अनुसरण कर रहे है / हमारे देश के महर्षियों ने आगे बढ़ने के लिए
त्याग किया परोपकार ,प्रेम ,और ज्ञान का सहारा लिया परन्तु आज के भारतीय उन प्रेरानायो को भूल कर
धोखा ,इर्ष्या,बेईमानी, और मक्कारी के द्वारा आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे है /
आज बड़ा भाई छोटे को प्यार नही देने चाहता बल्कि उसे कितना हानि पंहुचा सके इसके प्रयास में लगा
रहता है
जरा सोचिये हम सब कहा जा रहे है अब भी समय है /
भारतीय एकता संगठन
इलाहबाद
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